सिर्फ घुमक्कडों के लिए


कल किसी मित्र ने पोस्ट की थी की 5000 रुपये में किसी ठंढी जगह घूमने जाना चाहता हु ,तो चलिए बताता हू की 5000 रुपये में आप कितनी ठंढी जगहों पर पहुच सकते है।
नोट: यह सिर्फ घुमक्कडों के लिए है।
डबल नोट: पर्यटकों की भावनाएं आहत हो सकती है।
01.फूलों की घाटी:
हरिद्वार/ऋषिकेश से 400/500 रुपये में सुबह अखबार वाली बोलेरो निकलती है दुपहर बाद तक जोशीमठ, थोड़ी मेहनत करे तो शाम तक गोविंद घाट।
गोविंदघाट में लंगर है शुल्क मुक्त रहना/खाना (शायद 24 घंटे)
अगली सुबह भोजन के बाद घांघरिया निकलिए 15 km ,हो सकता है रास्ते में 100 200 खर्च हो जाए। शाम तक घांघरिया ,घांघरिया के गुरुद्वारे में 24 घंटे निशुल्क लंगर/चाय उपलब्ध।
घांघरिया से भोजन कर के सुबह निकलिए फूलों की घाटी और शाम तक वापस
अगले दिन हेमकुंड साहिब और शाम तक वापिस(हेमकुंड में भी खिचड़ी/चाय का लंगर निशुल्क)
फिर वापस गोविंद घाट/हरिद्वार
5 रातों के लिए औसत प्रति व्यकि खर्च ज्यादा से ज्यादा 3500
02.पिंडर घाटी:
हल्द्वानी से बागेश्वर 250/300 रुपये
बागेश्वर से कपकोट 50 रुपये
कपकोट में नाईट स्टे 500, रात्रि भोजन 100 रुपये
कपकोट से खरकिया 150/200 रुपये
खरकिया में भोजन 80
खरकिया से खाती पैदल
खाती में 300 का रूम
150 रुपये का डोरमेट्री बेड(रूम ही मानो अकेले में)
भोजन 100 रुपये थाली
5 रातों के लिए औसत प्रति व्यक्ति खर्च 5000
03. चोपता-तुंगनाथ:
हरिद्वार से उखीमठ 350/400 रुपये बस/बोलेरो
उखीमठ से चोपता 50/80 रुपए।
तुंगनाथ में रुकिए 100/150 रुपए बेड
खाना 100 रुपये थाली
प्रति व्यक्ति 5 रातों के लिए औसत खर्च 3500
04. तीर्थन घाटी:
दिल्ली से कुल्लू से दिल्ली (2000 औसत सरकारी नॉन ऐसी बस से)
कुल्लू से जीभी गांव 30/40 रुपये
जीभी गांव में 200 से 500 तक बढ़िया कमरे उपलब्ध
5 रात के लिए औसत प्रति व्यक्ति खर्च 5000।
05. मनाली:
दिल्ली मनाली दिल्ली 2500 (सरकारी नॉन ac बस से औसत)
मनाली में बहुत से होटल/डोरमेट्री उपलब्ध है 150 से 400 रुपये में
रोहतांग बोलेरो 600 रुपये में(इससे सस्ती भी मिल जाती है ,अक्सर पीछे की सीट सस्ती मिलती है)
प्रतिव्यक्ति औसत खर्च 5000 रुपये
06. शिमला:
दिल्ली कालका दिल्ली 600 रुपये
कालका शिमला कालका 550
शिमला में होटल 300 से500
शिमला आसपास 800
5 रातों के लिए प्रतिव्यक्ति औसत खर्च 4000
ऐसी और भी यात्राएं की जा सकती है, बिगिनर के तौर पर इनसे शुरू की जा सकती है।
पैसे औसत में लिखे हुए है इनसे कम ही लगेगा
एआपके शौक पर खर्चे निर्भर करते है जैसे मनाली जा के शर्ट या वुलेन खरीदने का कोई फायदा नही क्यों की वही एआपके शहर में भी उपलब्ध है।
घूमने का मतलब खरीदारी करना नही होता।
मेरे अपने यात्रा अनुभवों से
💐💐गुमराह तो वो है जो घरों से निकलते ही नही💐💐
धन्यवाद

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